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शिशॠको किस समय नहलाना सबसे बेहतर है?
शिशॠको कैसे नहलाà¤à¤‚
नहलाने के लिठजरà¥à¤°à¥€ सामानशिशॠको किस तरह नहलाना चाहिà¤, यहां जानें।
आप अपनी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤•ता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिशॠको दिन में किसी à¤à¥€ समय नहला सकती हैं। बस यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि उस समय शिशॠपूरी तरह आराम कर चà¥à¤•ा हो और à¤à¥‚खा न हो।
पारंपरिक तौर पर शिशॠको सूरà¥à¤¯à¥‹à¤¦à¤¯ से पहले या फिर सà¥à¤¬à¤¹ के समय नहलाना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ माना जाता था। à¤à¤¸à¤¾ शायद इसलिठथा ताकि नहाने के बाद दिन चढ़ने पर गरà¥à¤®à¥€ बढ़ने से शिशॠको फिर से गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ मिल सके।
नवजात शिशॠअपने शरीर का तापमान सही से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाते और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ ठंड लग सकती है। यदि शिशॠको ठंड लगेगी, तो वह सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ का आनंद नहीं ले सकेगा।
इसलिà¤, शिशॠको किस समय नहलाया जाà¤, यह तय करने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ है कि à¤à¤¸à¤¾ समय चà¥à¤¨à¤¾ जाठजो शिशॠकी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उचित हो। और आपके शिशॠके लिठआरामदायक हो। यदि वह गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ में रहेगा, आराम कर चà¥à¤•ा हो और उसका पेट à¤à¤°à¤¾ होगा तो वह नहाने का आनंद ले सकेगा। वरना, हो सकता है वह पूरे समय रोता ही रहे, जो कि आपको à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ नहीं लगेगा।
यदि आपको लगे कि आपके पास सà¥à¤¬à¤¹ शिशॠको नहलाने का समय नहीं होता, तो उसे शाम को नहलाना à¤à¥€ ठीक है। शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से पहले हलà¥à¤•े गरà¥à¤® पानी से नहलाने से उसे शांत करने और रात में सोने के लिठतैयार करने में मदद मिलती है। नहलाने के बाद आप उसे दूध पिला सकती है। आरामदायक सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने और आपके नजदीकी संपरà¥à¤• में आने से वह शायद जलà¥à¤¦à¥€ ही सो जाà¤à¤—ा।
नवजात शिशà¥à¤“ं को वासà¥à¤¤à¤µ में रोजाना नहलाने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती, बशरà¥à¤¤à¥‡ आप उनके नैपी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, चेहरे और गरà¥à¤¦à¤¨ को नियमित साफ करती रहें। ये शिशॠअपना अधिकांश समय सोते और लेटे हà¥à¤ ही बिताते हैं, इसलिठगंदे नहीं होते। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साफ रखने के लिठहर दूसरे या तीसरे दिन नहलाना काफी है।
जब आप अपने नवजात शिशॠके दूध पीने और सोने की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ समà¤à¤¨à¥‡ लग जाती हैं, तो आप उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नहाने का उचित समय देख सकती हैं। शिशॠकी दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥€ रखें कि आप रोजाना à¤à¤• जैसी चीजें à¤à¤• समान समय पर ही करें। शिशॠको चीजें दोहराया जाना पसंद आता है और यदि आप पूरà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ दिनचरà¥à¤¯à¤¾ अपनाà¤à¤‚गी तो वे à¤à¥€ पहचानने लगेंगे कि आगे कà¥à¤¯à¤¾ होने वाला है और इसका इंतजार करेंगे। इस तरह शिशॠको नहलाने और उसे सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ का काम काफी आसान हो सकता है।
कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही पानी में रहना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है, वहीं कà¥à¤› अनà¥à¤¯ शिशà¥à¤“ं को इस अनà¥à¤à¥‚ति का आदि होने में समय लगता है। अपने शिशॠके संकेतों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° काम करें और यदि उसे नहाना पसंद नहीं आता तो उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक न नहलाà¤à¤‚।
à¤à¤• दिनचरà¥à¤¯à¤¾ तय कर लेने के बाद आप शिशॠके बड़े होने और उसमें आने वाले बदलावों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उस दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ à¤à¥€ कर सकती हैं। उदाहरण के तौर पर चाहे आप शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शिशॠको हर सà¥à¤¬à¤¹ नहलाती हों, मगर जब आपका शिशॠठोस आहार खाना और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलना शà¥à¤°à¥ कर देता है, तो आप शायद उसे रात में नहलाना पसंद करें। इस तरह वह साफ-सà¥à¤¥à¤°à¤¾ होकर सो सकेगा।।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में अलग-अलग समय पर शिशॠको नहलाकर देखें कि आपके और शिशॠके लिठकौन सा समय सबसे बेहतर है। याद रखें कि à¤à¤¸à¤¾ कोई à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय नहीं है जो सà¤à¥€ के लिठउचित हो।
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